ज़ोया गले में नारंगी हेडफ़ोन लटकाए और एक बड़ा-सा आइडिया लेकर आई। “मैं टिंकर रूम पर एक शो बना रही हूँ! नाचता हुआ पिप, आविष्कार करती मीरा, सब लोग!” उसने रानी आंटी का टैबलेट उठाया और रिकॉर्ड दबा दिया। कमरे के उस पार निया चुपचाप अपने कपड़े के हाथी गुलाब का बटन सी रही थी। उसने नज़र उठाई और कैमरा देखा। उसका चेहरा सहम गया।
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ज़ोया बिना किसी से पूछे टिंकर रूम पर शो बनाने लगती है, और निया की धीमी-सी “ना” उसे सिखाती है कि कैमरा एक दरवाज़ा है जिसे पहले खटखटाना पड़ता है।