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रितेश भाई दूज के लिए बहुत उत्साहित था। उसके पास कोई पैसे नहीं बचे थे, लेकिन एक विचार आया। क्या वह खुद कुछ खास बना सकता था?
A personalized story for RITESH
Theme: sibling
A personalized sibling storybook featuring RITESH.
8 illustrated pages
रितेश भाई दूज के लिए बहुत उत्साहित था। उसके पास कोई पैसे नहीं बचे थे, लेकिन एक विचार आया। क्या वह खुद कुछ खास बना सकता था?
रितेश ने अपने दोस्त मिकू को अपनी कहानी दिखाई। मिकू ने अपनी पूंछ हिलाई और खुशी से चहचहाया। रितेश को लगा कि यह एक शानदार शुरुआत है।
रितेश ने ध्यान से कागजों को एक साथ रखा। उसने दो बार स्टेपलर चलाया और पन्ने जुड़ गए। मेहनत करना कितना मजेदार होता है, है ना?
रितेश ने अपनी बहन को कहानी पढ़कर सुनाई। वह मुस्कुराई और उसकी आंखों में चमक आ गई। रितेश की मेहनत रंग ला रही थी!
खिड़की पर लटकती दिवाली की लालटेन अभी भी चमक रही थी। रितेश को लगा कि उसका उपहार सबसे प्यारा है। वह अपनी बहन के लिए बहुत खुश था।
अचानक, छोटी बहन ने रितेश को देखकर पहली बार मुस्कुराया। रितेश का दिल खुशी से भर गया। उसे समझ आया कि प्यार बांटने से बढ़ता है।
उन्होंने साथ बैठकर नारियल की बर्फी खाई। रितेश ने अपनी बहन को गले लगाया। समय और कोशिश से बना उपहार सबसे कीमती होता है।
बहन ने किताब को अपनी किताबों के पास सजा दिया। रितेश ने सीखा कि भाई बनना एक सुपरपावर है। समय और मेहनत ही सबसे अच्छे तोहफे हैं।