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नेत्री ने मानो आकाश कोवंछेत ली थी, जैसे वह खोज में थीं। "क्या मैं कभी अपने दोस्तों जितनी तेज़ उड़ सकती हूँ?" उन्होंने सोचा।

A personalized story for Gandhi
Theme: perseverance
A personalized perseverance storybook featuring Gandhi.
8 illustrated pages
नेत्री ने मानो आकाश कोवंछेत ली थी, जैसे वह खोज में थीं। "क्या मैं कभी अपने दोस्तों जितनी तेज़ उड़ सकती हूँ?" उन्होंने सोचा।
एक दिन, उन्होंने एक पुस्तक पढ़ी जो उनके दिल में एक नया सपना जगा दिया। "falconry" - उड़ने वाली चिड़ियों को प्रशिक्षित करना। लेकिन उनके परिवार ने कहा, "यह असंभव है, गांधी। तुम्हें कभी नहीं सिखाया जाएगा।"
फिर एक दिन, उन्होंने एक महिला देखा जो पक्षियों को प्यार करती थी। वह असाधारण रूप से अच्छी थी, और उसने गांधी को कहा, "मैं तुझे सिखाऊँगी, गांधी। तूने बसappon के साथ मेहनत करना है।"
गांधी ने मेहनत की और सीखा, लेकिनाअपने आप को पंखों को नियंत्रित करना मुश्किल लगा। एक दिन, एक আফसाने के कारण उनका पक्षी उड़ गया। उनकी आंखों में आंसू आ गए।
उनकी आँखों में आँसू थे, लेकिन उनकी आत्मा में एक ज्योति थी। "मैं हार नहीं मान सकती," उन्होंने खुद से कहा। "मैंने मेहनत की है, और मैं जीतूँगी।"
गांधी ने अपने पक्षी को नियंत्रित किया और दिल खोलकर उड़ा। उनके पास और उनके पक्षी ने आसमान में एक स्वागत-पूर्ण गोल्डेन फ्लाइट ली।
किसी ने नहीं सोचा था कि गांधी जीत जाएगी, लेकिन उन्होंने किया। उन्हें एक पदक दिया गया था, और उनकी मस्ती से सबके दिल खिल गए।
गांधी ने अपने दोस्तों को कहा, "मैंने इसमें सफलता पाई, क्योंकि मैंने इसे करना चाहा।" उनकी जीत उनकी कल्पना से भी बहुत बड़ी थी। वही उनका सबसे बड़ा पंख था।